[20]+ Short story in hindi with moral for kids | बच्चो की कहानिया

20 Short story in hindi with moral for kids

नमस्कार दोस्तों आज मै आपके लिए 10 शानदार short stories in hindi ले कर आया हूँ मेरी लिखी सारी कहानियाँ बिलकुल नई है जो आपने पहले कभी नहीं सुनी होंगी

तो चलिये बिना देरी के पढ़ना शुरू करते है और याद रहे आपको सारी कहानियाँ अभी एक एक करके पड़नी होंगी वरना पढ़ने मे मज़ा नहीं आएगा

No. 1 हाथी और शेर की कहानी :-

हाथी और शेर की कहानी


एक बार एक हाथी जंगल मे कुछ नए दोस्त बनाने के लिए निकला उसने सोचा मेरे दोस्त तो बस हाथी ही है क्यों ना मै बाकि जानवरो से भी दोस्ती करू और उनके साथ खेलु ये सोचकर वो जंगल के अंदर जाने लगा.

कुछ देर चलने के बाद उसे रास्ते है बंदर दिखाई देता है और हाथी बंदर से कहता है.

Read more : countrycircle.in

हाथी : अरे ओ बंदर भैया कैसे हो! क्या तुम मुझसे दोस्ती करना चाहोगे हम दोनों मिलकर बहुत खेलेंगे.
बन्दर : हाथी भैया मै आप से दोस्ती तो कर लेता लेकिन आप मेरे साथ खेलने के लिए पेड़ पर नहीं चढ़ सकते इसलिए ये दोस्ती नहीं हो सकती.

ये सुनकर हाथी वहा से चला गया और रास्ते मे उसे चूहा दिखाई दिया हाथी ने सोचा चलो ये तो पेड़ पर नहीं चढ़ पता तो ये तो मुझसे दोस्ती कर ही सकता है.

हाथी : अरे ओ चूहें भैया क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगे हम साथ मे खेलेंगे.
चूहा : हाथी भैया दोस्ती तो मै कर लेता लेकिन तुम मेरे घर मे आ नहीं सकते तुम्हारा शरीर बहुत बड़ा जो है.

Read more : countrycircle.in

ये सुनकर हाथी फिर से जंगल के अंदर जाने लगा और फिर अचानक जंगल के सारे जानवर इधर -उधर भागने लगे हाथी ने भागते हुए भालू से पुछा.
हाथी : अरे भालू भैया ऐसे क्यों भाग रहे हो क्या हुआ?
भालू : अरे जल्दी भागो हमारे पीछे शेर आ रहा है.

तभी हाथी के सामने शेर आ जाता है और हाथी शेर से कहता है.
हाथी : शेर भैया आप यहां से चले जाओ सारे जानवर आपसे परेशान है उन्हें और परेशान मत करो
शेर : आप अपना काम करो और मुझे इन जानवरो को परेशान करने दो
तभी हाथी को गुस्सा आ जाता है और हाथी शेर को ज़ोर से धक्का मारता है और शेर को चोट लग जाती है ये देखकर जंगल के सारे जानवर काफ़ी खुश हो जाते है और हाथी से दोस्ती कर लेते है

शिख

इस कहानी से ये सिख मिलती है की व्यक्ति का शरीर, रग, रूप उनके मूल्य को नहीं दर्शाता.

Read more : countrycircle.in

No.2 बंदर और मगरमच्छ की दोस्ती की कहानी 

बंदर और मगरमच्छ की कहानी


एक बार नदी के किनारे जामुन के पेड़ मे बहुत सारे जामुन लटके देख बंदर को उसे खाने के मन हुआ और वो उस पेड़ पर चढ़ गया और जामुन तोड़ने लगा 

बंदर : मै इन जामुन को अपनी दोस्त को खिलाऊंगा और वो बहुत खुश हो जायगी

जामुन तोड़ते हुए उसे नदी के किनारे बैठा मगरमच्छ देख लेता है और बन्दर के पास जाकर कहता है

मगरमच्छ: अरे ओ बंदर भैया! क्या तुम मेरे लिए भी कुछ जामुन तोड़ सकते हो मेरी बीवी को जामुन बहुत पसंद है.

बंदर : क्यों नहीं दोस्त मै तुम्हारे लिए भी जामुन तोड़ देता हूँ

बंदर ने कुछ जामुन तोड़कर मगरमच्छ को दे दिए और फिर बंदर अपने घर चला गया और मगरमच्छ भी अपने घर को जाने लगा

मगरमच्छ अपने घर जाकर अपनी बीवी को कहता है
मगरमच्छ : ये देखो मै तुम्हारे लिए क्या लाया हूँ नदी के किनारे जो जामुन का पेड़ है ये उसके जामुन है

मगरमच्छ की बीवी : लेकिन तुम तो पेड़ पर चढ़ ही नहीं सकते तो ये जामुन तुम कहा से लाए

मगरमच्छ : अरे मैंने ये जामुन एक बंदर से माँगा और उसने मेरे लिए ये जामुन तोड़ दिए
मगरमच्छ की बीवी : ठीक है तो क्या तुम मेरे लिए उस बंदर से ऐसे ही रोज़ जामुन तोड़ने को बोल सकते है मुझे ये बहुत पसंद है
मगरमच्छ : क्यों नहीं वो तो मेरा बहुत अच्छा दोस्त बन गया है


ऐसे करते - करते मगरमच्छ हर रोज़ उस बंदर से जामुन तोड़ने को कहता और बंदर उसके लिए भी जामुन तोड़ देता.

एक दिन अचानक मगरमच्छ की बीवी मगरमच्छ से कहती है

मगरमच्छ की बीवी : अरे ज़रा उस बंदर को ध्यान से देखो कितना बड़ा बंदर है अगर हम इसे खा जाए तो कितना मज़ा आएगा
मगरमच्छ : नहीं नहीं वो मेरा बहुत अच्छा दोस्त है मै उसे नहीं मार सकता

मगरमच्छ : मुझे कुछ नहीं पता मुझे उसे खाना है जाओ उसे आज रात हमारे साथ खाना खाने के लिए बुलाओ उसे खाना खिलाने के बाद हम उसे खुद खा जायेंगे " कितना मज़ा आयगा"

तभी बंदर मगरमच्छ के घर के ऊपर ही बैठा रहता है और ये सब सुन लेता है और अपने घर चला जाता है तभी उसके घर मगरमच्छ पहुंच जाता है और उसे अपने घर खाने पर बुलाता है
बंदर सब जानते हुए भी मगरमच्छ के घर चला जाता है और मगरमच्छ की बीवी को कहता है

बन्दर : मुझे सब पता है की तुम मुझे खाने वाले हो दोस्त मैंने तुम्हारी मदद करी और तुम मेरे साथ ही ऐसा करोगे मैंने ये कभी नहीं सोचा था

फिर बंदर अपने घर वापस चला गया और मगरमच्छ के लिए जामुन तोड़ने वाला कोई नहीं बचा और फिर मगरमच्छ और उसकी बीवी कभी भी जामुन नहीं खा सके

शिख 

किसी की दोस्ती को मामूली नहीं समझनी चाहिए ना जाने कब कौन काम आ जाए 


Read more : countrycircle.in

No. 3 दो मेंढको की कहानी

Short story in hindi with moral for kids


एक बार की बात है दो मेंढक खेलते खेलते एक बड़े से गड्ढे मे
गिर गए और ज़ोर -ज़ोर से चिल्लाने लगे तभी उसके मेंढको को झुंड उस गड्ढे के ऊपर खड़ा हो जाता है और उसमे से एक मेंढक कहता है

: अरे हमें इन दोनों को बचाना चाहिए वरना ये रही रह जायेंगे और मर जायेंगे

तभी उसके झुंड का दूसरा मेंढक बोला अरे हम इन्हे नहीं बचा सकते ये गड्ढा काफ़ी गहरा है अगर हम इसके अंदर जायेंगे तो कोई भी बाहर नहीं निकल पाएगा इन्हे ऐसे ही छोड़ दो

ये सोचकर सारे मेंढक वहा से चले जाते है और वो दोनों उसी गड्ढे मे फसे रहते है उसमे से एक ये मान लेता है की वो अब यहां से बाहर नहीं लिकल सकता और बाहर निकलने के लिए कुछ भी नहीं करता लेकिन दूसरा मेंढक कोशिश करता रहता है

कुछ दिनों के बाद मेढक का झुंड दूसरे तालाब मे खेलने गए और उन्हें गड्ढे मे गिरा मेंढक आते हुए दिखाई देता है ये देख कर सारे मेंढक कुछ समझ नहीं पाते और वो मेंढक कहता है

: जी मुझे तो कुछ भी सुनाई नहीं देता मेरे तुम्हारी कोई बात नहीं सुनी थी और उस गड्ढे मे छलांग लगता गया और बाहर आ गया

सीख :

कोशिश करने वाले की हार नहीं होती

More story :

Read more : countrycircle.in
और नया पुराने