[4]+ लालची शेर की कहानियां|Short story in hindi for kids

🦁नमस्कार दोस्तों आज मै आपके लिए या कहे तो आपके बच्चों के लिए कुछ मज़ेदार कहानीया लाया हूँ जिसे पढ़कर आप और आपके बच्चों दोनों खुश हो जायेंगे तो चलिये शुरू करते है ]

लालची शेर की कहानियाँ

लालची शेर की कहानियाँ

1. लालची शेर की कहानी 

एक बार जंगल के राजा शेर को बहुत तेज़ भूक लगी और वो जंगल के अंदर अपने लिए कोई अच्छा सा खाना ढूंढ़ने के लिए निकल पड़ा कुछ देर बाद वो थक गया और कही बैठ गया तभी एक खरगोश उसके सामने से गुजरने लगा

खरगोश शेर नहीं नहीं देख पाया लेकिन शेर ने खरगोश को देख लिया और उसपर छलांग लगा दी और खरगोश को पकड़ लिया तभी खरगोश बोला

खरगोश : अरे ओ जंगल के राजा तुम राजा हो और मेरे जैसे एक छोटे से खरगोश को खाओगे तो फिर तुम किस बात के राजा हुए जाओ किसी बड़े से जानवर को पकड़ो और उसे खाओ तभी मानूंगा की तुम जंगल के राजा हो तभी शेर बोला

शेर : ठीक है दोस्त मै तुम्हे दिखा दूंगा की मै जंगल का राजा हूँ और किसी बड़े जानवर को भी पकड़ सकता हूँ

फिर शेर ने उस खरगोश को छोड़ दिया और किसी बड़े से जानवर को पकड़ने जंगल के और अंदर चला गया और तभी उसके सामने से एक हिरन गुज़रा और शेर ने छलांग लगा कर उसे भी पकड़ लिया और शेर ने कहा

शेर : आखिर आज तू मेरे हाथ आ ही गया मुझे कब से भूक लगी थी अब मै तुझे खा लूंगा और अपनी भूक मिटाऊंगा तभी हिरन ने कहा

हिरन : अरे भाई तुम जंगल के राजा हो और फिर भी मेरे जैसे छोटे से हिरन को खाओगे तो फिर तुम किस बात के राजा हुए जाओ और किसी बड़े जानवर को पकड़ो फिर मै मानूंगा की तुम इस जंगल के राजा हो 

शेर : अच्छा तो ठीक है अब मै तुम से भी बड़े जानवर को पकड़ने जा रहा हूँ देखना मै उसे कैसे खाऊंगा

और शेर उस हिरन को भी छोड़ देता है और जंगल के और अंदर चला जाता है बहुत देर के बाद भी उसे कोई और जानवर नहीं दीखता है ऐसे करते करते काफ़ी देर हो जाती है और शेर थकने लगता है अब शेर को लगता है की मुझे कोई और जानवर नहीं मिल रहा है अब मुझे उसी हिरन के पास जाना होगा उसे खाने

शेर उसी जगह वापस जाता है जहाँ उसने हिरन को पकड़ा था लेकिन उसे वहा हिरन नहीं दीखता शेर इधर उधर ढूंढता है लेकिन हिरन वहा से जा चूका होता है

फिर शेर उस खरगोश को ढूंढने निकल पड़ता है और उसी जगह पहुंच जाता है जहाँ उसने उस खरगोश को पकड़ा था लेकिन खरगोश भी वहा से चला जाता है और फिर शेर को कई दिनों तक भूखा ही रहना पड़ता है

सीख

इस कहानी से हमें ये सिख मिलती है की जीवन मे किसी भी चीज का लालच करना कभी भी अच्छा नहीं होता


2. शेर और चूहें की कहानी

एक बार जंगल का राजा बहुत ही आराम से जंगल के बिच सो रहा था और गहरी नींद मे जा चूका था मौसम काफ़ी अच्छा था और शेर भी थका हुआ था कुछ देर के बाद एक चूहा वहा से गुज़र रहा था तभी उसने सोचा चलो थोड़ा खेल कूद लेते है और चूहा उस शेर के पेट पर चढ़कर उछलने कूदने लगा उसी समय शेर को कुछ हलचल महसूस हुई और शेर नींद से जाग गया और वो बहुत गुस्से मे था

उसने चूहें ही तरफ गुस्से से देखा और चूहें को पकड़ लिया और शेर ने चूहें से कहा

शेर: तूने ये अच्छा नहीं किया मै कितना थका हुआ था और गहरी नींद में सो रहा था मुझे जगाने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई चूहें ने कहा

चूहा : हरे भाई मै तो बस कुछ देर खेलना चाहता था मुझे नहीं पता था ये नरम गड्डा तुम्हारा पेट है मुझे माफ़ करदो आगे से ऐसा नहीं करूँगा

शेर: नहीं! मुझे अब भूक लगी है और तेरी लगती की सज़ा भी देनी है तो क्यों ना मै तुझे ही कहा जाता हूँ तभी चूहा रोने लगा

चूहा: ऐसा मत करो भाई मुझसे गलती हो गई है मुझे माफ़ करदो अगर तुम मुझे खा जाओगे तो मै अपने घर कैसे जायूँगा मेरी माँ मेरा इंतज़ार कर रही होंगी.

चूहा : अगर तुम मुझे यहां से जाने दोंगे को जब भी तुम्हे मेरी जरूरत होंगी मै आ जाऊंगा तुम्हे बचाने

शेर: हा हा! हस्ते हुए! तू मुझे बचाएगा जा छोड़ दिया

और इसके 2 महीनों के बाद जंगल मे कुछ शिकारी घुस आए उस शेर को पकड़ने के लिए शिकारियो ने जंगल के बीचो बिच एक बड़ा सा जाल बिछा दिया और शेर उसमे फस गया तभी उसके पास वो चूहा आया और चूहें ने देखा की शेर भाई तो जाल मे फसे हुए है क्यों ना इन्हे बाहर निकाला जाए

फिर चूहें ने अपने छोटे - छोटे दांतो से पुरा जाल काट दिया और शेर उस जाल से बाहर आ गया और शेर ने कहा तुमने सही बोला था की एक दिन तुम मुझे बचाओगे 
मान गया तुम्हे छोटे मिया 

सीख

शांत मन से लिया गया फैसला हमेश फल देता है.


3. शेर और हाथी की कहानी

एक बार जंगल के राजा शेर काफ़ी उदास थे शेर ने सोचा क्यों ना थोड़ा घुमा फिरा जाए और ये सोच कर शेर जंगल से बाहर शहर की और निकल पड़ा सब लोग शेर के शहर मे आने से डरे हुए थे तभी शेर ने उस शहर के राजा को देखा शहर के राजा हाथी के ऊपर आसन लगा कर बैठे हुए थे और सारे लोग राजा के हुक्म मान रहे थे ये सब देखकर शेर का मन भी ऐसे ही हाथी पर आसन लगा कर बैठने को किया और शेर जंगल की और वापस चल पड़ा

जंगल मे पहुंच कर शेर ने सभी जानवरो को अपने पास बुलाया और उन्हें आदेश दिया की मुझे भी उस शहर के राजा की तरह हाथी पर बैठना है और राज करना है जाओ मेरे लिए इस जंगल का सबसे ऊंचा हाथी लाओ मै उसपर बैठूंगा

तभी सारे जानवर ये बात सुनकर हैरान हो जाते है और दर के मारे जल्दी जल्दी किसी हाथी को ढूंढने लगते है और कुछ देर के बाद एक हाथी मिल जाता है और उसे जंगल के राजा शेर के पास लाया जाता है

शेर : हा ये हाथी सही है इसपर मेरे बैठने के लिए आसन बनाओ

सभी जानवर मिलकर हाथी के ऊपर आसन लगा देते है और शेर को ऊपर बैठने को कहते है

शेर एक लम्बी छलांग मारकर उस हाथी के ऊपर चढ़ जाता है और बहुत खुश होता है और फिर शेर हाथी को कहता है

शेर : अब मुझे ये पुरा जंगल तुम्हारे ऊपर बैठकर घूमना है चलो जल्दी
जैसे ही हाथी आगे बढ़ता है शेर हाथी के ऊपर से धड़ाम से निचे गिर जाता है और शेर की टांग टूट जाती है और शेर कहता है " मुझे पैदल ही चलना चाहिए था "



4. राजा और बन्दर की कहानी


एक बार जंगल के सभी जानवर अपने राजा से बहुत नाराज़ थे क्योंकि राजा उसकी कोई बात नहीं सुनता था और सारे जानवरो पर अपना हुकुम चलता था और राजा हर रोज़ किसी एक जानवर को खा जाता था इसलिए जंगल के सभी जानवर अपने ही राजा से काफ़ी नाराज़ थे

फिर एक रात सभी जानवरो ने मिलकर इस समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करी लेकिन कोई हल समझ नहीं आया तभी एक बंदर आकर ये बोलता है की मै तुम्हारी सारी समस्या हल कर सकता हूँ लेकिन तुम्हे फिर मुझे राजा बनाना होगा

सभी जानवरो ने इस बंदर की बात मान ली और बंदर वहा से सीधे शेर के पास गया और उसने शेर से कहा

बंदर: अरे जंगल के राजा क्या तुम जानते हो की जंगल मे तुमहारे बारे मे क्या क्या बाते हो रही है तुम जंगल के राजा हो तुम्हे तो पता होनी चाहिए

शेर: क्या! क्या बाते हो रही है मेरे बारे मे?
बन्दर : कल रात एक दूसरा शेर सभी जानवरो को ये बोल कर गया है की अब से मै तुम्हारा राजा हूँ तुम सब सिर्फ मेरी बाते मानोगे

ये बात सुनकर शेर गुस्से से लाल हो गया तभी बंदर ने कहा चलो मे तुम्हे उस दूसरे शेर के पास ले चलता हूँ शेर उसके पीछे पीछे चल पड़ा

बंदर शेर को एक बड़े से कुएँ के पास ले जाता है और शेर को कहता है की वो दूसरा शेर इस कुएँ के अंदर रहता है जाओ उसे मार दो

शेर कुएँ के अंदर झाकता है और पानी मे अपनी ही परछाई को देखकर गुस्से से कुएँ मे छलांग लगा देता है और पानी मे डूब जाता है

फिर बन्दर सभी जानवरो के पास जाता है और सभी से कहता है लो मैंने तुम्हारा काम कर दिया अब तुम मुझे अपना राजा बनाओ और बंदर जंगल का राजा बन जाता है

गुस्सा करना अच्छी बात नहीं होती 


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